हम तो तेरे प्यार में खोए, दुनिया से बेगाने भटक रहे हैं बुनते रहते मिलन के ताने बाने हम तो तेरे प्यार में खोए, दुनिया से बेगाने भटक रहे हैं बुनते रहते मिलन के तान...
शान्ति-कपोत के पंखों की तरह खड़ी हो तुम अडिग कैसे मर सकती हो तुम, सदा को ! शान्ति-कपोत के पंखों की तरह खड़ी हो तुम अडिग कैसे मर सकती हो तुम, सदा को !
अब इन सबको स्मृति कह लो या आत्मा। अब इन सबको स्मृति कह लो या आत्मा।
वो आनंद है सत्य का वो साक्षात्कार है खुद का। वो आनंद है सत्य का वो साक्षात्कार है खुद का।
ईमानदार लोगों का नाम पूछा गया, ईमानदार लोगों का नाम पूछा गया,
सारा जग अब सुंदर लगता खुद से साक्षात्कार हो गया। सारा जग अब सुंदर लगता खुद से साक्षात्कार हो गया।